एनईपी से शिक्षा प्रणाली में बदलाव :प्रधान
नई दिल्ली, । केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की चार साल की यात्रा देश की शिक्षा प्रणाली में परिवर्तनकारी बदलाव ला रही है, जिससे शिक्षार्थियों की नई पीढ़ी का पोषण हो सके। प्रधान ने यह बात शिक्षा मंत्रालय द्वारा अखिल भारतीय शिक्षा समागम 2024 के साथ सोमवार को नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू होने की चौथी वर्षगांठ समारोह में कही। कार्यक्रम में शिक्षा राज्य मंत्री और कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी और शिक्षा एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार मौजूद थे।
केद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि एनईपी सीखने के परिदृश्य को बदलने, देश के जनसांख्यिकीय लाभांश का उपयोग करने, आबादी को सशक्त बनाने और सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देने की आशा का प्रतीक है। मंत्रियों ने शिक्षा मंत्रालय की एनईपी-2020 से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पहलों का शुभारंभ किया। जयंत चौधरी ने शिक्षकों के व्यापक प्रभाव और छात्रों के जीवन को आकार देने में उनके मूल्यों और योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि देश की बागडोर वास्तव में शिक्षकों के हाथ में है।
किसान, वैज्ञानिक और शिक्षक समाज के तीन स्तंभ हैं, जो देश के भविष्य की कल्पना करते हैं। चौधरी ने यह भी उल्लेख किया कि कैसे शिक्षा इकोसिस्टम के हितधारकों की सिफारिशों के बाद एनईपी-2020 के रूप में दूरदर्शी नीति तैयार की गई।
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