70 हजार से अधिक सीटें खाली रह गई थीं

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 प्रयागराज, प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक भर्ती के लिए अनिवार्य डिप्लोमा इन एलिमेंटरी एजुकेशन (डीएलएड) या पूर्व में बीटीसी प्रशिक्षण के 2024-25 शैक्षणिक सत्र में प्रवेश का कुछ पता नहीं चल रहा है। प्रवेश की सूचना जारी नहीं होने से बेरोजगार परेशान हैं। यही कारण है कि तमाम अभ्यर्थी एमए या परास्नातक के दूसरे पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने पर विचार कर रहे हैं। पिछले साल डीएलएड में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन दो जून से शुरू हुए थे। इस लिहाज से देखा जाए तो प्रवेश प्रक्रिया दो महीने पिछड़ गई है।

सूत्रों के अनुसार, परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने दो महीने पहले ही शासन को डीएलएड प्रशिक्षण 2024 में प्रवेश का प्रस्ताव भेज दिया था। लेकिन अब तक अनुमति नहीं मिली है। पिछले साल प्राथमिक विद्यालयों की शिक्षक भर्ती में बीएड को मान्य करने संबंधी राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की 28 जून 2018 की अधिसूचना सुप्रीम कोर्ट से निरस्त होने के बाद डीएलएड प्रवेश में आवेदन की अंतिम तिथि कई बार बढ़ानी पड़ी थी। हालांकि उसके बावजूद बड़ी संख्या में सीटें खाली रह गई थीं। यही कारण है कि इस साल डीएलएड में यूपी के अलावा दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों को भी प्रवेश की अनुमति देने पर विचार चल रहा है।

70 हजार से अधिक सीटें खाली रह गई थीं

डीएलएड प्रशिक्षण 2023 सत्र में 70,100 सीटें खाली रह गई थी। प्रदेश के 67 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) की 10600 व 2974 निजी कॉलेजों की 2,22,750 कुल 2,33,350 सीटों पर प्रवेश के लिए 3,36,187 अभ्यर्थियों ने पिछले साल आवेदन किया था। हालांकि 1,63,250 अभ्यर्थियों ने ही प्रवेश लिया।

डीएलएड प्रवेश का पता नहीं, बेरोजगार परेशान: 70 हजार से अधिक सीटें खाली रह गई थीं

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