शाहजहांपुर। परिषदीय विद्यालयों में सपोर्टिव सुपरविजन से निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षण कार्य होगा। शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए बीएसए दिव्या गुप्ता ने सभी एसआरजी, एआरपी, केआरपी को निर्देशित किया है।
प्राथमिक विद्यालय बुनियादी शिक्षा के आधार स्तंभ होते हैं। उनमें सरकार की ओर से संचालित योजनाएं बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती है। उनका क्रियान्वयन विद्यालय के प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापकों को कराना होता है। इसके लिए विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को खेल-खेल में एवं रुचिपूर्ण तरीके से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ शारीरिक/मानसिक एवं यौगिक क्रियाओं का अभ्यास कराया जाता है, जिससे बच्चों में क्षमताओं का विकास हो सके।
परिषदीय विद्यालयों में शैक्षिक सत्र 2024-25 में संपादित की जाने वाली प्रमुख गतिविधियों का वार्षिक एवं शैक्षणिक कैलेंडर जारी किया गया है। इसके तहत ही विद्यालय स्तर पर तमाम गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
इसके लिए विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, शिक्षक/शिक्षिका के कार्य एवं दायित्व तय किए गए हैं। बीएसए की ओर से पत्र जारी कर उन्हीं दायित्वों का निर्वहन सपोर्टिव सुपरविजन के तहत किए जाने की अपील की गई है। इसके लिए सभी एसआरजी, एआरपी, केआरपी को निर्देशित किया गया है।
उन्होंने कहा कि विद्यालय में यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षण कार्य कराया जा रहा है या नहीं, यदि शिक्षक के द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम को नहीं पढ़ाया जा रहा है तो उस शिक्षक को यह बताएं की पाठ्य पुस्तक में निर्धारित मासिक पाठ्यक्रम विभाजन के अनुसार शिक्षण कराएं।
उसके बाद भी शिक्षक के द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम को नहीं पढ़ाया जा रहा है तो उसकी सपोर्टिव सुपरविजन आख्या उपलब्ध कराएं। बताया कि अप्रैल के पाठ्यक्रम को अगस्त में नहीं पढ़ाया जा सकता (यानि पहला पाठ भी अगर अगस्त महीने में पढ़ाया जा रहा है तो अभी तक क्या किया जा रहा है)। अगस्त महीने के पाठ्यक्रम को अध्ययन कराने के साथ अन्य माह के पाठ्यक्रम की पुनरावृति कराई जा सकती है।
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