लखनऊ। प्रदेश के विश्वविद्यालय व डिग्री कॉलेजों में पढ़ रहे विद्यार्थी भी अब अप्रेंटिसशिप कर सकेंगे। मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना (उच्च शिक्षा) को शुरू किए जाने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
अब विद्यार्थी पढ़ाई के साथ-साथ उद्योगों व कंपनियों में अप्रेंटिस कर सकेंगे। कंपनियों की ओर से विद्यार्थियों को जो नौ हजार मानदेय दिया जाएगा, उसमें से एक हजार रुपये की प्रतिपूर्ति राज्य सरकार करेगी। अभी तक तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों को ही यह सुविधा दी जा रही थी। अब उच्च शिक्षा विभाग भी से लागू कर रहा है। नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम के तहत पंजीकृत विद्यार्थियों का डाटा एनआईसी के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। ऐसे विद्यार्थी जो अप्रेंटिस के लिए ऑनलाइन आवेदन करेंगे, उनका ऑनलाइन माध्यम से ही आधार सत्यापन कराया जाएगा। फिर अप्रेंटिसशिप के लिए चयनित कंपनियों के खाते में सरकार की ओर से प्रतिपूर्ति की जाने वाली एक हजार रुपये की धनराशि को भेजा जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से उच्च शिक्षा निदेशक को नोडल अधिकारी बनाया गया है। नोडल अधिकारी व डीडीओ के ई साइन के माध्यम से ही प्रशिक्षण प्रदान कर रहीं कंपनियों को धनराशि भेजी जाएगी।
एनआईसी पाेर्टल पर बनाएगा डैशबोर्ड
योजना प्रभावी ढंग से लागू हो इसके लिए पोर्टल पर एनआईसी की ओर से एक डैशबोर्ड भी बनाया जाएगा। राज्य सरकार की ओर से इसके लिए 100 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। अभी तकनीकी शिक्षण संस्थानों के डिप्लोमा छात्रों को आठ हजार रुपये व डिग्री छात्रों को नौ हजार रुपये प्रति महीने मानदेय दिया जा रहा है। ऐसे ही कंपनियां बीए, बीएससी, बीकॉम सहित विश्वविद्यालय व डिग्री कॉलेजों में चल रहे विभिन्न पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को भी मानक के अनुसार मानदेय देंगी। उच्च शिक्षा के विद्यार्थी काफी समय से इस योजना के शुरू होने का इंतजार कर रहे थे।
कंपनियों को धनराशि देने में पारदर्शिता
अप्रेंटिस कर रहे विद्यार्थियों को कंपनी की ओर से दिए जाने वाले मानदेय में से सरकार की ओर से दी जाने वाली प्रतिपूर्ति की धनराशि पारदर्शी ढंग से दी जाएगी। उच्च शिक्षा निदेशक व डीडीओ के ई-साइन से जारी सूची के आधार पर ही पोर्टल पर ही बिल-वाउचर तैयार होगा और फिर 24 घंटे के अंदर कंपनी के खाते में धनराशि भेज दी जाएगी। जिससे विद्यार्थी आसानी से अपनी अप्रेंटिस पूरी कर सकेंगे और उन्हें कंपनी की ओर से मानदेय भी मिल सकेगा।
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