लंदन, एजेंसी। एक साधारण ब्लड टेस्ट न सिर्फ यह बताता है कि आपको अभी कोई बीमारी है या नहीं, बल्कि यह भी संकेत देगा कि आने वाले समय में आप कितना जिएंगे। हाल ही में इस संबंध में ब्रिटेन स्थित सरे विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने एक अध्ययन किया। अब तक डॉक्टर किसी व्यक्ति की उम्र, वजन, स्मोकिंग की आदत, ब्लड प्रेशर और कुछ सामान्य ब्लड टेस्ट के आधार पर ही जोखिम का अनुमान लगाते रहे हैं। ये तरीके अक्सर बहुत सामान्य होते हैं और व्यक्ति विशेष की सही तस्वीर नहीं दिखा पाते। इसी वजह से कई बीमारियां तब पकड़ में आती हैं, जब वे गंभीर रूप ले चुकी होती हैं। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञों ने यह जानने की कोशिश की कि क्या हमारे खून में पहले से ही ऐसे संकेत मौजूद हैं, जो भविष्य की सेहत के बारे में बता सकें। खून में मौजूद प्रोटीन पर फोकस किया गया, क्योंकि प्रोटीन शरीर के अंदर चल रही प्रक्रियाओं की झलक देते हैं। अध्ययन में उम्र, बॉडी मास इंडेक्स, स्मोकिंग जैसी आदतों को भी ध्यान में रखा गया, नतीजे ज्यादा सटीक हों। इसके बाद वैज्ञानिकों ने सैकड़ों ऐसे प्रोटीन पहचाने, जिनका संबंध कैंसर, दिल की बीमारी और किसी भी वजह से होने वाली मौत के जोखिम से पाया गया।
इनमें से कुछ खास प्रोटीन को चुनकर प्रोटीन पैनल बनाए गए। एक पैनल में 10 ऐसे प्रोटीन थे, जो अगले 10 साल में मौत के कुल जोखिम से जुड़े थे, जबकि दूसरे पैनल में 6 प्रोटीन थे, जो पांच साल के जोखिम का संकेत देते थे। इन प्रोटीन पैनल वाले मॉडल, सिर्फ उम्र और लाइफस्टाइल पर आधारित पुराने तरीकों से बेहतर साबित हुए, हालांकि यह सुधार सीमित ही है। खून में मौजूद प्रोटीन शरीर के अंदर हो रहे बदलावों की रियल-टाइम जानकारी देते हैं। ये सूजन, अंगों पर दबाव या टिशू के खराब होने जैसे बदलावों को दिखा सकते हैं, जो लक्षणों के रूप में सामने नहीं आए होते। विशेषज्ञों ने साफ कहा कि इस अध्ययन का मतलब यह नहीं कि कोई ब्लड टेस्ट मौत की तारीख बता देगा। यह दिखाता है कि किसी व्यक्ति का जोखिम दूसरों की तुलना में थोड़ा ज्यादा या कम हो सकता है।
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