आगामी छह माह के भीतर नवसृजित जिलों के शिक्षक़ों के जीपीएफ का भुगतान किया जाएगा। साथ ही जीपीएफ भुगतान में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई भी होगी।
यह आश्वासन शुक्रवार को विधान परिषद में नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने दिया। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत शिक्षक व कर्मचारियों के खातों में तय समय सीमा के भीतर जीपीएफ की धनराशि चली जानी चाहिए थी, अगर वह नहीं गई है तो इसके लिए दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। श्री मौर्य ने संतकबीर नगर के दो शिक्षक़ों के बकाये का शीघ्र भुगतान कराया जाएगा।
प्रश्नकाल में शिक्षक दल के ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने इस मामले को उठाते हुए पूछा था कि प्रदेश के नव सृजित जिलों में माध्यमिक शिक्षा के तहत अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों एवं संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों के जीपीएफ में जमा की गई धनराशि का स्थानांतरण मूल जिले में किया गया है या नहीं? उनके जीपीएफ का भुगतान कब तक किया जाएगा?
साथ ही यह भी सवाल किया कि जीपीएफ की धनराशि न होने के कारण सेवानिवृत शिक्षकों एवं कर्मचारियों के जीपीएफ का भुगतान नहीं हो रहा है। जीपीएफ का भुगतान न होने के कारण उत्तरदाई अधिकारियों के विरुद्ध सरकार कार्रवाई करेगी या नहीं।
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