अधिकारियों द्वारा बताया गया कि नोडल अधिकारी के माध्यम से सभी अभ्यर्थियों का वेरिफिकेशन 19 जनवरी के बाद पूरा कर लिया जाएगा। यह प्रक्रिया फिलहाल गतिमान है। इसके साथ ही 19 जनवरी के बाद अभ्यर्थियों को अपने विवरण में सुधार (करेक्शन) का अवसर भी मिलेगा और उसी समय स्टडी मटेरियल भी जारी कर दिया जाएगा।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि ब्रिज कोर्स के परीक्षा पैटर्न और मॉडल पेपर पर अभी कार्य शेष है। इसके अलावा कांटेक्ट क्लासेज के आयोजन और जिला केंद्रों के निर्धारण की प्रक्रिया भी चल रही है, जिसे जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा।
ब्रिज कोर्स को लेकर सबसे अहम बिंदु परीक्षा को लेकर रहा। जब अधिकारियों से यह पूछा गया कि यदि ब्रिज कोर्स प्रशिक्षण मात्र है, तो क्वालीफाइंग परीक्षा क्यों कराई जा रही है, तो जवाब में बताया गया कि बीएड अभ्यर्थियों के लिए ब्रिज कोर्स अनिवार्य है और इसे पास करने का केवल एक ही मौका मिलेगा। अधिकारियों का कहना था कि इस संबंध में निर्देश उन्हें उच्च स्तर से प्राप्त हुए हैं।
हालांकि, बैठक के दौरान भर्ती से संबंधित शासनादेश (GO) और Supreme Court of India के आदेश अधिकारियों को दिखाए गए, जिनमें ब्रिज कोर्स को प्रशिक्षण मात्र बताया गया है। इस पर अधिकारियों की ओर से कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया जा सका।
अंत में साथियों को आश्वस्त किया गया कि ब्रिज कोर्स के सुचारु संचालन और शिक्षकों को आ रही विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव प्रयास लगातार जारी रहेंगे।
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