एनपीएस वात्सल्य योजना में निवेश और निकासी के नियमों में बदलाव – UpdateMarts| PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News

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एनपीएस वात्सल्य योजना में निवेश और निकासी के नियमों में बदलाव

ये बदलाव खास तौर पर नाबालिग बच्चों के निवेश, निकासी, संपत्ति आवंटन, तथा टैक्स लाभों को लेकर किए गए हैं, ताकि इस योजना को और अधिक लचीला, पारदर्शी और परिवारों के लिए उपयोगी बनाया जा सके। आंशिक निकासी की स्पष्ट गाइडलाइन्स ने योजना को अस्थायी जरूरतों के लिए भी उपयोगी बना दिया है, जबकि इक्विटी में ऊंचे कोश आवंटन से दीर्घकालिक रिटर्न क्षमता बढ़ी है।

एनपीएस वात्सल्य एक सरकारी पेंशन योजना है जिसे नाबालिग बच्चों के लिए शुरू किया गया था। माता-पिता/अभिभावक अपने बच्चों के नाम पर इस खाते में निवेश करके उनके लिए भविष्य में पेंशन सुनिश्चित कर सकते हैं। यह योजना बजट 2024-25 में पेश की गई थी और इसे 18 सितंबर 2024 को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया गया। यह बचत और निवेश का एक दीर्घकालिक साधन है, जिसमें बच्चे की उम्र 18 वर्ष तक निवेश संचालित रहता है। उस उम्र के बाद बच्चे के लिए आगे विकल्प उपलब्ध होते हैं।

अब यह स्पष्ट हो गया है कि एनपीएस वात्सल्य के तहत निवेशित राशि का अधिकतम 75% तक शेयर में लगाया जा सकता है। इससे निवेशकों को पूंजी वृद्धि के अवसर मिलेंगे। पारंपरिक पेंशन स्कीम में कठिनाई रही है कि लोगों को वृद्धावस्था में जीवनयापन के लिए आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है।

आंशिक निकासी नियम

पांच वर्ष के निवेश के बाद अभिभावक अब बच्चे की शिक्षा, गंभीर बीमारी या चिकित्सा स्थितियों के लिए आंशिक निकासी कर सकते हैं। पहले यह स्पष्ट नहीं था कि कब और किन परिस्थितियों में धन निकाला जा सकता है, लेकिन अब पीएफआरडीए ने व्यापक दिशा निर्देश जारी किए हैं। यदि बच्चे की शिक्षा, इलाज या चिकित्सा सहायता जैसी स्थिति उत्पन्न होती है तो निकासी के ये नियम तीन बार तक कुल जमा योगदान का 25% तक की सीमा में उपलब्ध होंगे।

पूंजी का आवंटन

●समापन पर, अब 80% तक की राशि एकमुश्त रूप में निकाली जा सकती है जबकि 20% को वार्षिक आय यानी एन्यूटी में लगाया जाएगा। कुल जमा राशि आठ लाख से कम है, तो पूरा पैसा एक साथ निका सकेंगे।

●21 साल तक विकल्प न चुना गया, तो खाता फंड के मल्टीपल स्कीम फ्रेमवर्क के उच्च जोखिम वाले इक्विटी विकल्प में शिफ्ट हो जाएगा।

●जब बच्चा 18 वर्ष का हो जाता है तो अब उसके पास कई विकल्प है, वह वात्सल्य खाता जारी रख सकता है और तीन अतिरिक्त वर्ष तक निवेश कर सकता है, या उसे सामान्य एनपीएस मॉडल में ट्रांसफर कर सकता है अथवा वर्तमान संपत्ति निकाल सकता है।

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