यूपी बोर्ड परीक्षा के सचल दल गठन में नियमों की अनदेखी, बाबू और केंद्र वाले प्रधानाचार्य शामिल
मुरादाबाद। यूपी बोर्ड परीक्षाओं की निगरानी के लिए गठित किए गए सचल दल के गठन पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि मंडल स्तर पर बनाए गए सचल दल में नियमों की अनदेखी करते हुए ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों को शामिल किया गया है, जिन्हें नियमानुसार इस दल का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए।
जानकारी के अनुसार सचल दल में एक ऐसे प्रधानाचार्य को शामिल किया गया है, जिनके विद्यालय में स्वयं परीक्षा केंद्र संचालित हो रहा है। जबकि नियमों के अनुसार जिस विद्यालय में परीक्षा केंद्र बना हो, वहां के प्रधानाचार्य को केंद्र व्यवस्थापक की जिम्मेदारी दी जाती है और उन्हें सचल दल में शामिल नहीं किया जा सकता।
इतना ही नहीं, नियमों के विपरीत सचल दल में बाबुओं (लिपिकीय कर्मचारियों) को भी सदस्य बनाया गया है, जबकि बोर्ड के निर्देशों में स्पष्ट है कि सचल दल में केवल राजकीय विद्यालयों के शिक्षक अथवा अधिकारी ही शामिल किए जा सकते हैं।
इस पूरे मामले पर माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश के सचिव भगवती सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि सचल दल गठन में नियमों का उल्लंघन हुआ है और इस संबंध में शिकायत प्राप्त होती है, तो मामले पर संज्ञान लिया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बताया गया कि संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय, मुरादाबाद मंडल द्वारा जारी सूची में वरिष्ठ सहायक, संभागीय सहायक तथा तकनीकी इकाई से जुड़े कर्मचारी भी शामिल किए गए हैं। इसको लेकर शिक्षा विभाग में चर्चा तेज हो गई है और सचल दल के पुनर्गठन की मांग उठ रही है।
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