डिजिटल अरेस्ट रोकने को केंद्र सरकार सख्त, गृहमंत्रालय ने मामलों की जांच के लिए उच्च स्तरीय समित गठित की – UpdateMarts| PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News

primarymaster.in


 ● समिति ने गूगल, व्हाट्सएप, टेलीग्राम जैसी दिग्गज टेक कंपनियों के साथ की बैठक

● कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा वास्तविक समय के मुद्दों की समिति जांच भी करेगी

● समिति खामियों को पहचान कर उनको दूर करने के लिए प्रभावी उपाय सुझाएगी

नई दिल्ली,  । देश में बढ़ते डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराधों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र ने कमर कस ली है। इसके लिए केंद्र सरकार(गृह मंत्रालय) ने एक उच्च स्तरीय अंतर विभागीय समिति (आईडीसी) का गठन किया है। गृह मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट को सौंपी स्टेटस रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

रिपोर्ट में बताया गया कि डिजिटल गिरफ्तारियों के सभी पहलुओं की पूरी तरह से जांच करने के लिए गृह मंत्रालय के विशेष सचिव की अध्यक्षता गठित समिति ने पहले ही कई बैठकें की है। हाल ही में हुई बैठक में गूगल, व्हाट्सएप, टेलीग्राम और माइक्रोसॉफ्ट जैसी दिग्गज तकनीकी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।

मंत्रालय की ओर से पेश रिपोर्ट में कहा गया कि यह समिति कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा वास्तविक समय के मुद्दों की जांच करेगी और कानूनी, तकनीकी, बैंकिंग और संचार प्रणालियों की खामियों की पहचान करेगी। इसके अलावा समिति उन खामियों को दूर करने के लिए प्रभावी उपाय सुझाएगी। इसके अतिरिक्त समिति सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी निर्देशों पर विचार करेगी, और प्रासंगिक कानूनों, नियमों, और कार्यान्वयन में कमियों की पहचान करेगी।मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने मंत्रालय को अंतर-विभागीय मंत्रिस्तरीय परामर्श के बारे में सूचित करने का आदेश दिया था।

मंत्रालय की ओर से पेश रिपोर्ट में कहा गया कि आदेश के अनुपालन में गठित गृह मंत्रालय के विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) की अध्यक्षता में समिति गठित की है।

समिति में ये हैं शामिल

समिति में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, दूरसंचार विभाग, विदेश मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग, कानून और न्याय मंत्रालय, उपभोक्ता मामले के मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक के संयुक्त सचिव को शामिल किया गया है। समिति में सीबीआई, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), दिल्ली पुलिस के आईजी रैंक के अधिकारी और भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के संयुक्त सचिव स्तर और उससे ऊपर के अधिकारियों को शामिल किया

सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था

सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर डिजिटल गिरफ्तारी के जरिए देशभर में की जा रही ठगी के मामले की जांच सीबीआई को जांच करने का आदेश दिया था। पीठ ने इस विषय पर अंतर-विभागीय मंत्रिस्तरीय परामर्श के बारे में सूचित करने का भी निर्देश दिया था।

Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA

Leave a Comment