प्रयागराज, । यूपी के राज्य विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और इंटर कॉलेजों में इंटरमीडिएट के साथ ही बीए, बीएससी और बीकॉम जैसे परंपरागत पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कर रहे युवाओं को एआई की सहायता से कॅरियर की राह दिखाई जाएगी। इसके लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के निर्देश पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी के 20 महाविद्यालयों को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना गया है। इसमें सफलता मिलने पर प्रदेश के अन्य जिलों में भी यह व्यवस्था लागू की जाएगी।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप युवाओं को बाजार एवं उद्योगों की जरूरत के हिसाब से तैयार करने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने वाधवानी फाउंडेशन के साथ हाथ मिलाया है। यह संस्था वाराणसी के चयनित महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं को एआई आधारित कॅरियर परामर्श देने के साथ ही रोजगार क्षमता और सॉफ्ट स्किल्स विकसित करेगी। छह महीने तक सहायता के साथ एआई संचालित विविध टूल्स का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
शिक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव गोविंद जायसवाल की ओर से पांच जनवरी को उच्च शिक्षा के प्रमुख सचिव एमपी अग्रवाल को इस संबंध में पत्र भेजा गया है। कार्यवाहक उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बीएल शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण के लिए संस्था ने डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया है जिसका उद्देश्य छात्र-छात्राओं में कॅरियर की तैयारी, रोजगार क्षमता और उद्यमिता को मजबूत करना है। इस पहल में लर्निंग और सपोर्ट मॉड्यूल शामिल है।
प्रशिक्षण के लिए नामित किए दो नोडल अधिकारी
कार्यवाहक उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बीएल शर्मा ने पायलट फेज को असरदार तरीके से शुरू करने और लागू करने के लिए क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी वाराणसी डॉ. ज्ञान प्रकाश वर्मा और क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी आजमगढ़ डॉ. रमेश कुमार सिंह को नोडल अधिकारी नामित किया है।
इन कॉलेजों के छात्र-छात्राओं को देंगे प्रशिक्षण
पायलट फेज में जिन महाविद्यालयों को चुना गया है उनमें वाराणसी का यूपी कॉलेज, हरिश्चन्द्र पीजी कॉलेज, डीएवी कॉलेज, पं. दीन दयाल उपाध्याय राजकीय बालिका महाविद्यालय, सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज आदि का नाम शामिल है।
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