हल्द्वानी। मोबाइल पर चैटिंग की लत और किताबों से दूरी ने विद्यार्थियों की न सिर्फ दिनचर्या बदल दी है बल्कि वे परीक्षाओं में सवालों के जवाब लिखने में भी चैटिंग वाली स्लैंग लैंगुएज (अशिष्ट भाषा) का इस्तेमाल धड़ल्ले से कर रहे हैं।
कुमाऊं विश्वविद्यालय की स्नातक व स्नातकोत्तर की परीक्षाओं में छात्र-छात्राओं ने चौंकाने वाले जवाब लिखे हैं। उत्तरपुस्तिका का मूल्यांकन करने वाले प्रोफेसर परीक्षार्थियों के जवाबों से हैरान हैं। छात्रों के बिगड़ते लेखन स्तर पर प्राध्यापकों ने चिंता जाहिर की है। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज में मूल्यांकन कार्य में जुटे प्राध्यापकों का कहना है कि छात्र परीक्षाओं में डिजिटल चैट की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। छात्रों ने कई प्रश्नों के जवाब में ‘Because’ की जगह ‘Bcoz’, ‘Between’ की जगह ‘B/w’,
‘Before’ की जगह ‘B4’, ‘And’ की
जगह ‘&’ और ‘LOL’ जैसे शब्दों का प्रयोग किया है। छात्र हिंदी-अंग्रेजी शब्दों को रोमन लिपि में मिलाकर हाइब्रिड
स्मार्टफोन पर की-बोर्ड की लत से लिखने की गति कम
प्राध्यापकों ने बताया कि आज की जेन- जी पीढ़ी का स्मार्टफोन पर की-बोर्ड इस्तेमाल करने की आदत के चलते पेन और पेपर से कनेक्शन टूट गया है। इस कारण हैंडराइटिंग बिगड़ने के साथ ही लिखने की गति कम हो गई है। इस वजह से छात्रों को लंबे उत्तर लिखने में मुश्किल हो रही है। टाइपिंग की आदत से अक्षर समझने में दिक्कत होती है।
ChatsApp जवाब जैसे-तैसे लिख रहे हैं।
भाषा बना रहे हैं। छोटे सवालों के बड़े सवालों के जवाब में हर दूसरी लाइन में रिपीट उत्तर दे रहे हैं। कुछ तो कॉपियों में कुछ नहीं लिख रहे।
ऐसे दे रहे हैं जवाबः प्राध्यापकों ने बताया कि छात्र उत्तर में आकृति या चार्ट बनाते हैं, लेकिन समझाने में सिर्फ 2-3 लाइन लिखते हैं। स्पेलिंग पता नहीं होने से अंग्रेजी शब्द रोमन लिपि में लिखकर हाइब्रिड भाषा बना रहे हैं। पन्ना भरने के लिए प्रश्नपत्र में पूछे गए सवालों से इतर उत्तर लिख रहे हैं। चार-पांच लाइन के बाद उत्तर नहीं लिख रहे हैं।
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