उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक नियमावली के अनुसार कुछ बारीक बातें दी गई हैं जो आपको फॉर्म भरते समय ध्यान रखनी चाहिए:
1. “परिवार” की परिभाषा
उत्तर प्रदेश अचल संपत्ति विवरण (IPR) के नियमों के अनुसार, परिवार में पत्नी/पति और वे सभी बच्चे शामिल हैं जो कार्मिक पर पूरी तरह आश्रित हैं। यदि पत्नी आपके साथ रहती हैं और उनका अपना कोई स्वतंत्र बड़ा व्यवसाय या अलग सरकारी नौकरी नहीं है, तो उनकी संपत्ति आपकी संपत्ति के साथ ही दिखाई जाएगी।
2. विवरण कैसे भरें?
फॉर्म भरते समय आपको संपत्ति के ‘स्वामित्व’ (Ownership) वाले कॉलम में यह स्पष्ट करना होगा कि संपत्ति किसके नाम पर है:
* यदि संपत्ति आपके और पत्नी के संयुक्त नाम (Joint Name) पर है, तो उसे भी दिखाना होगा।
* यदि संपत्ति पूरी तरह पत्नी के नाम पर है, तो ‘स्वयं के नाम नहीं होने पर किसके नाम है’ वाले कॉलम में पत्नी का नाम और आपसे संबंध लिखना होगा।
3. धन का स्रोत (Source of Money)
यह सबसे महत्वपूर्ण बिंदु है। आपको यह बताना होगा कि पत्नी के नाम वाली संपत्ति कैसे खरीदी गई:
* क्या आपने अपनी बचत से उनके नाम पर ली?
* क्या उन्हें मायके से उपहार स्वरूप मिली?
* क्या उन्होंने अपनी किसी निजी आय (जैसे ट्यूशन, सिलाई या छोटा व्यवसाय) से ली?
4. चल संपत्ति (Movable Property) का मामला
अचल संपत्ति (जमीन, मकान) का विवरण तो अनिवार्य है ही, लेकिन यदि आप चल संपत्ति (शेयर, गहने, भारी बीमा प्रीमियम) का विवरण दे रहे हैं, तो पत्नी के नाम पर मौजूद भारी निवेश (एक निश्चित सीमा से अधिक, जो आमतौर पर आपके दो महीने के मूल वेतन से अधिक हो) को भी घोषित करना चाहिए।
ध्यान देने योग्य बात:
उत्तर प्रदेश में अब अधिकतर विभागों में ‘मानव संपदा’ (Manav Sampada Portal) के माध्यम से संपत्ति का विवरण ऑनलाइन भरा जाता है। वहां ‘Self’ और ‘Dependent’ के अलग-अलग विकल्प होते हैं, जिन्हें सावधानीपूर्वक चुनें।
Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA



