सुप्रीम कोर्ट में अब स्पेशल एजुकेटर्स (विशेष जरूरत वाले बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षक) की नियुक्ति में भी टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) का पेच फंसता नजर आ रहा है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल काउंसिल फार टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) से पूछा है कि क्या स्पेशल एजुकेटर के लिए भी टीईटी जरूरी है। कोर्ट ने एनसीटीई से इस बारे में कानूनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। साथ ही आदेश दिया है कि फिलहाल किसी भी स्पेशल एजुकेटर की नियुक्ति टीईटी के बगैर नहीं की जाएगी। कोर्ट इस मामले में दो दिसंबर को फिर सुनवाई करेगा। जस्टिस दीपांकर दत्ता और अगस्टीन जार्ज मसीह की पीठ ने रजनीश कुमार पांडेय बनाम केंद्र सरकार के मामले में सुनवाई करते हुए हाल में ये आदेश
दिए। इस मामले में कोर्ट अपने पूर्व के आदेश के अनुपालन पर विचार कर रहा था। सुनवाई के दौरान उप्र सरकार के वकील ने बताया कि नियम के मुताबिक प्राथमिक शिक्षक के लिए टीईटी न्यूनतम योग्यता है। पीठ ने कहा कि उसे तो अभी तक यही लगता था कि सुप्रीम कोर्ट के सात मार्च, 2025 के जिस फैसले के अनुपालन पर विचार हो रहा है, उसके मुताबिक स्पेशल एजुकेटर की नियुक्ति के लिए रिहैबिलिटेशन काउंसिल आफ इंडिया की योग्यता ही जरूरी है।
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