बैंकों में सुविधाओं के नाम पर लोगों की जेब पर बढ़ रहा शुल्कों का बोझ

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 नई दिल्ली। बैंकिंग से लेकर सामान्य जीवन से जुड़ी अन्य जरूरी सेवाओं के नाम पर लोगों की जेब पर बोझ बढ़ रहा है। लगातार बैंक और अन्य सेवाएं प्रदाता कंपनियों द्वारा अपने शुल्कों बढ़ाया जा रहा है, जिससे लोगों की जेब से धीरे से हर वर्ष हजारों रुपया सिर्फ सेवा शुल्क के तौर पर जा रहा है। करीब एक महीने पहले टेलीकॉम कंपनियों ने अपने रिचार्ज प्लान की कीमतों में करीब 27 फीसदी तक का इजाफा किया। इस बीच ऑनलाइन पेमेंट व रिचार्ज की सुविधा देने वाली कंपनियों ने भी प्रति रिचार्ज पर डेढ़ से ढाई रुपया अतिरिक्त वसूलना शुरू कर दिया है। भुगतान सर्विस के तौर पर अब डिजिटिल पेमेंट की सुविधा देने वाली कंपनियां अतिरिक्त शुल्क ले रही हैं। उधर, फास्टैग सेवा प्रदाता कंपनियों ने भी अब कई तरह के शुल्क लगाने का फैसला लिया है। इसमें चार श्रेणी में शुल्क एनसीपीआई ने तय किए हैं लेकिन कंपनियों ने भी कुछ अन्य शर्तें जोड़ दी हैं।

आरटीजीएस

● दो लाख तक कोई शुल्क नहीं

● दो से पांच लाख तक 25 रुपये प्रति लेन-देन

● पांच लाख से ऊपर 49 रुपये

एनईएफटी

● 10 हजार तक दो रुपये

● एक लाख तक 4.50 रुपये

● दो लाख तक 14.00 रुपये

● एक दिन में दो लाख से ऊपर के एनईएफटी ट्रांसफर पर 24 रुपये

बैंक भी हर सेवा के नाम पर वसूल रहे रकम

बैंक ग्राहकों को दी जा रही तमाम सुविधाओं के नाम पर शुल्क वसूल रहे हैं। साथ ही, न्यूनतम राशि खाते में न होने पर लोगों के खाते से उल्टे जुर्माने के तौर पर भी बड़ी धनराशि वसूल रहे हैं। बीते पांच वर्षों में ही सरकारी बैंकों ने इस मद में 8500 करोड़ रुपये ग्राहकों से वसूले हैं।

खाना मंगवाने पर चुकानी पड़ रही ज्यादा रकम

बीते दिनों फूड डिलिवरी करने वाले जोमैटो, स्विगी जैसे प्लेटफॉर्म ने भी अपना शुल्क बढ़ा दिया था। इसमें करीब 20 प्रतिशत तक का एक झटके में इजाफा किया गया था। पहले प्रति ऑर्डर प्लेटफॉर्म शुल्क दो रुपये लिया जाता था, जिसे बाद में बढ़ाकर पांच रुपये किया गया और फिर बाद में छह रुपये प्रति ऑर्डर निर्धारित कर दिया गया।

बैंकों द्वारा वसूला जा रहा चार्ज

डुप्लीकेट पासबुक 100 रुपये

चेक रिटर्न चार्ज 300 रुपये (एक लाख रुपये

तक का चार्ज)

एक करोड़ तक का चेक 500 रुपये

हस्ताक्षर सत्यापन 100 रुपये

हस्ताक्षर सत्यापन (संयुक्त खाता ) 150 रुपये

शाखा में जाकर नोमिनी का नाम बदलना 100 रुपये

बैंक द्वारा पासबुक एवं अन्य कागज भेजना सामान्य डाक 50 रुपये

पंजीकृत डाक 100 रुपये

पांच से अधिक बार खाते से नकदी निकासी 150 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन

ब्याज प्रमाण पत्र (पहली बार निशुल्क,

उसके बाद हर बार 100 प्रति सर्टिफिकेट

ईकेवाईसी 10 रुपये

एनपीसीआई द्वारा निर्धारित शुल्क

स्टेंटमेंट 25 रुपये प्रति एक

फास्टैग बंद करना 100 रुपये

टैग मैनेजमेंट 25 रुपये/तिमाही

निगेटिव बैलेंस 25 रुपये/तिमाही

बैंकों में सुविधाओं के नाम पर लोगों की जेब पर बढ़ रहा शुल्कों का बोझ

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