शिक्षामित्रों के भरोसे चल रहे नगरीय क्षेत्रों के स्कूल

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 गोंडा

 बेसिक शिक्षा

विभाग के नगरीय क्षेत्र में संचालित स्कूल शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। शिक्षक न होने के कारण इन स्कूलों का संचालन शिक्षामित्रों के भरोसे है। नगर पालिका गोंडा व नवाबगंज में कई स्कूल ऐसे हैं जहां पर शिक्षकों के तैनाती नहीं है। अकेले शिक्षामित्र बच्चों की पढ़ाई से लेकर योजनाओं के संचालन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। नगरीय क्षेत्र के स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था की स्थिति जानने के लिए बृहस्पतिवार को अमृत विचार संवाददाता ने इन स्कूलों की पड़ताल की। इस पड़ताल में कई स्कूल ऐसे मिले जहां बच्चों की संख्या 100 से ऊपर है, जबकि उन्हें पढ़ाने के लिए एकमात्र शिक्षामित्र की तैनाती है।

प्राथमिक विद्यालय राधाकुंडः शहर के बीचों-बीच स्थित प्राथमिक विद्यालय राधाकुंड में एक भी शिक्षक की तैनाती नहीं है। यहां एकमात्र शिक्षामित्र मोनिका गुप्ता तैनात हैं जो अकेले ही बच्चों को पढ़ाती दिखीं। मोनिका गुप्ता ने बताया कि स्कूल में कक्षा 1 से 5 तक कुल 100 बच्चों का नामांकन है, लेकिन इन्हें पढ़ने के लिए कोई शिक्षक नहीं है। वह अकेले ही सभी कक्षा के बच्चों को बारी-बारी से पढ़ाती हैं। इसके अलावा मध्यान्ह भोजन व विद्यालय की सूचनाओं का आदान-प्रदान करना भी उन्हीं के जिम्मे है।

प्राथमिक विद्यालय पीएएसी शहर क्षेत्र के ही पीएसी लाइन के पास स्थित प्राथमिक विद्यालय पीएसी भी शिक्षक विहीन है। यह स्कूल भी शिक्षामित्र के भरोसे हैं। शिक्षामित्र अनीता देवी का कहना है कि स्कूल में कुल 47 बच्चों का नामांकन है। सभी को पढ़ाने की जिम्मेदारी उन्हीं पर है।

प्राथमिक विद्यालय रानीजोत : नगर क्षेत्र में स्थित प्राथमिक विद्यालय रानी जोत का भी यही हाल है। यह स्कूल भी शिक्षामित्र के भरोसे है। स्कूल में शिक्षक न होने के कारण बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी शिक्षामित्र सारिका गुप्ता के जिम्मे है। अकेले शिक्षामित्र होने के कारण यहां बच्चों का नामांकन भी नहीं हो पता। स्कूल में महज 22 बच्चे पंजीकृत हैं। सारिका ने बताया कि वह अकेले ही स्कूल का संचालन करती हैं।

प्राथमिक विद्यालय पड़ाव नवाबगंज नगर पालिका क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय पड़ाव में भी शिक्षक नहीं है। शिक्षामित्र साधना मिश्रा अकेले इस स्कूल का संचालन कर रही हैं। इस स्कूल में कक्षा 1 से 5 तक 140 बच्चों का नामांकन है। साधना मिश्रा बताती हैं कि इतनी बड़ी संख्या में बच्चों को अकेले पढ़ाना बेहद कठिन है। फिर भी वह किसी तरह मैनेज कर पढ़ा रही हैं।

प्राथमिक विद्यालय कन्या संचरही नवाबगंज नगर पालिका क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय कन्या संचरही भी शिक्षक विहीन है। यहां भी एक मात्र शिक्षामित्र नीतू सिंह कार्यरत हैं। नीतू सिंह ने बताया कि स्कूल में कुल 74 बच्चों का नामांकन है। नगर क्षेत्र का विद्यालय होने के कारण उपस्थिति भी बराबर रहती है। ऐसे में किसी तरह सभी बच्चों को पढ़ाना पड़ता है।

नगरीय क्षेत्र का कैडर अलग

होने के कारण यहां शिक्षकों की तैनाती नहीं की जा सकती। जो शिक्षक यहां कार्यरत थे वह सेवानिवृत्त हो चुके हैं। जो पहले से तैनात है उनसे ही काम चलाया जा रहा है। कुछ स्कूल ऐसे हैं जहां सिर्फ शिक्षामित्र ही तैनात है।

– अतुल तिवारी, बीएसए

शिक्षामित्रों के भरोसे चल रहे नगरीय क्षेत्रों के स्कूल

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