यूपी के अलीगढ़ के सासनीगेट क्षेत्र में रहने वाले एक शिक्षक दंपती के साथ बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। दोस्ती की आड़ में एक शातिर ने शिक्षक का फोन हैक करके दोनों के बैंक खातों से करीब 42 लाख रुपये उड़ा दिए। पूरी रकम अपने व अपने परिचितों के खातों में ट्रांसफर कर दी। शुरुआत में रुपये देने का वादा किया, फिर मुकर गया। दंपती ने एसएसपी व एसपी सिटी से गुहार लगाई, जिसके बाद मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है।
आगरा रोड स्थित बांके बिहारी कॉलोनी निवासी रोली सक्सेना व उनके पति डॉ. सुधांशु प्रशांत बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक हैं। उन्होंने एसपी सिटी को प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें कहा था कि एक जनवरी को बैंक जाकर स्वयं व अपने पति का पांच साल का खाता विवरण निकलवाया था। तब पता चला कि उनके घर आने वाले पति के करीबी दोस्त अतरौली क्षेत्र के गांव बड़सेरा निवासी पुनीत कुमार पुत्र भीमसैन (वर्तमान निवासी केशव नगर, आगरा रोड) ने षड्यंत्र के तहत बड़ी धोखाधड़ी कर दी है। उसने पति के मोबाइल से यूपीआई व जालसाजी तरीके से अलग-अलग तिथियों में अपने, अपने परिवार व परिचितों के खातों में रोली व उनके पति के खातों से रुपये ट्रांसफर किए हैं।
जालसाजी में पुनीत के साथ उसकी पत्नी पूजा माहेश्वरी, साला अर्पित माहेश्वरी और परिचित भी शामिल हैं। पुनीत के खाते में 20 लाख 54 हजार 700 रुपये, पूजा के खाते में दो लाख 54 हजार 10 रुपये व परिचितों के खातों में लगभग 20 लाख रुपये भेजे गए हैं। रोली ने 29 दिसंबर 2025 को थाना सासनीगेट व एसपी सिटी के यहां प्रार्थना पत्र दिया। पुलिस ने पुनीत को बुलाकर पूछताछ की और उसी दिन बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया। उधर, पुनीत द्वारा रोली व उनके परिवार कोई कानूनी कार्रवाई न करने के लिए जान से मारने की धमकी दी जा रही है। रोली ने पुलिस से सुरक्षा की भी मांग की है। सासनीगेट थाना प्रभारी बालेंद्र सिंह ने बताया कि पुनीत, पूजा, अर्पित व अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच की जा रही है।
आरोपी ने कबूला, मैंने ही निकाले हैं रुपये
रोली के अनुसार बेटी की पढ़ाई के लिए रुपये जमा किए थे। लेकिन, पुनीत करीब तीन साल से रुपये ट्रांसफर कर रहा था। उसने पति का फोन हैक कर लिया था, जिसके चलते रुपये कटने के मैसेज भी नहीं आते थे। जब धोखाधड़ी की बात पता चलने पर पुनीत से बात की गईं तो उसने कबूल कर लिया कि उसी ने रुपये निकाले हैं। एक महीने से रुपये देने का वादा किया। लेकिन, फिर धमकाने लगा कि कोई रुपया वापस नहीं करेगा। बामुश्किल अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मुकदमा लिखा गया। अधिकारियों ने आरोपी के खाते सीज करके रुपये वापस कराने के आदेश दिए। लेकिन, पुलिस ने अभी तक कोई मदद नहीं की है।
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