लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों ने वरिष्ठता का निर्धारण शिक्षक की मौलिक नियुक्ति तिथि के आधार पर किए जाने की मांग उठाई है। साथ ही शिक्षकों को गैर शैक्षिक कार्यों से मुक्त रखने की आवश्यकता पर जोर दिया गया, ताकि परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ की रविवार को दारुलशफा में आयोजित बैठक में शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि परिषद के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक दूर-दराज के जिलों में नियुक्त रहते हैं। समय-समय पर स्थानांतरण के माध्यम से उन्हें घर के नजदीक आने का अवसर तो मिलता है, लेकिन स्थानांतरण के बाद वे संबंधित जिले में वरिष्ठता सूची में सबसे कनिष्ठ हो जाते हैं। इससे पदोन्नति प्रक्रिया में उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव
ने बताया कि पिछले वर्ष लगभग 47 हजार शिक्षकों का तबादला हुआ था।। स्थानांतरण के बाद ये सभी शिक्षक नए जिलों में कनिष्ठ हो गए हैं, जिससे पदोन्नति के समय वे सबसे पीछे रह जाएंगे। उन्होंने मांग की कि वरिष्ठता का निर्धारण मौलिक नियुक्ति तिथि से किया जाए, ताकि शिक्षकों के अधिकार सुरक्षित रह सकें।
प्रदेश महामंत्री संदीप दत्त ने कहा कि शिक्षामित्रों को आगामी बजट सत्र से बड़ी उम्मीदें हैं और सरकार से उनके मानदेय में वृद्धि की घोषणा की अपेक्षा है। उन्होंने शिक्षकों को गैर-शैक्षिक कार्यों से मुक्त रखने की भी मांग दोहराई। इस अवसर पर संदीप जायसवाल, धर्मेंद्र यादव, सुधोषकर, विनय सिंह, रामधन, राकेश तिवारी, मनोज सिंह, सुधीर सिंह, वीरेंद्र सिंह, रमेश मिश्रा सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।
Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA






