नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-पीजी) को स्थगित करने की मांग वाली याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई के लिए सहमति दे दी। शीर्ष अदालत में दाखिल याचिका में 11 अगस्त को होने वाली इस परीक्षा को स्थगित करने और पुनर्निर्धारित करने की मांग की गई है। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और मनोज मिश्रा की पीठ ने याचिका पर तत्काल सुनवाई के आग्रह को स्वीकार करते हुए कहा कि इस पर शुक्रवार को विस्तार से सुनवाई होगी। याचिका में कहा गया है कि उम्मीदवारों को ऐसे शहर में परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं, जहां पहुंचना सुविधाजनक नहीं है। इससे पहले याचिकाकर्ता विशाल सोरेन और अन्य की ओर से अधिवक्ता अनस तनवीर ने पीठ के समक्ष याचिका का उल्लेख करते हुए तत्काल सुनवाई की मांग की। मालूम हो कि नीट पीजी 23 जून को आयोजित होनी थी। लेकिन परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की आशंका के मद्देनजर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस परीक्षा को स्थगित कर दिया था।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नीट-पीजी में गड़बड़ियों को रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसके तहत छात्रों को राज्य के बाहर और पसंद का परीक्षा केंद्र चुनने का विकल्प खत्म कर दिया गया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव अपूर्व चंद्रा ने गुरुवार को कहा कि फॉर्म में परीक्षार्थी जो पता भरेगा, उसे यथासंभव आसपास के क्षेत्र में परीक्षा केंद्र आवंटित किया जाएगा। पहले लोग राज्य के बाहर या भीतर भी अपने पसंदीदा केंद्र की मांग करते थे। बता दें कि हाल में नीट-यूजी में कुछ परीक्षा केंद्रों पर सवाल उठे थे। चंद्रा ने कहा कि नीट पीजी में निजी परीक्षा केंद्र को करीब-करीब खत्म कर दिया गया है। जो सरकारी परीक्षा केंद्र थे वहां दो चरणों में परीक्षा कराई जा रही है। यह पूछे जाने पर कि नीट यूजी में भी यही व्यवस्था लागू रहेगी, उन्होंने कहा कि अभी नीट यूजी में समय है।
बता दें कि नीट पीजी नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (एनबीई) द्वारा कराई जाती है। इस साल परीक्षा 11 अगस्त को होनी है।
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