प्रयागराज। शैक्षिक सत्र 2026-27 में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों में अलाभित और दुर्बल वर्ग के बच्चों का प्रवेश पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया से किया जाएगा। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार ने निर्देश जारी कर दिए हैं।
जारी आदेश के अनुसार कक्षा एक के साथ-साथ पूर्व प्राथमिक कक्षाओं—नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी—में भी दाखिला ऑनलाइन माध्यम से ही होगा। आरटीई के अंतर्गत प्रवेश पाने के लिए अभ्यर्थी का अलाभित समूह या दुर्बल वर्ग से होना अनिवार्य किया गया है।
अलाभित समूह में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग, अनाथ, एचआईवी संक्रमित, ट्रांसजेंडर, प्रवासी मजदूरों के बच्चे और शहरी गरीब वर्ग के बच्चे शामिल किए गए हैं। वहीं दुर्बल वर्ग में बीपीएल कार्डधारक एवं वार्षिक एक लाख रुपये तक आय वाले परिवारों के बच्चों को पात्र माना गया है।
ऑनलाइन आवेदन के समय छात्र और अभिभावक दोनों का आधार नंबर अनिवार्य होगा। साथ ही छात्रवृत्ति व अन्य सरकारी लाभों के लिए आधार से लिंक बैंक खाते का विवरण भी देना होगा।
प्रवेश प्रक्रिया में एक लॉटरी चरण में एक ही आवेदन स्वीकार किया जाएगा। अभिभावक केवल अपने पंचायत या वार्ड क्षेत्र के स्कूलों का चयन कर सकेंगे। लॉटरी में चयन होने पर बच्चे को निकटतम स्कूल में प्रवेश दिया जाएगा।
बीएसए ने बताया कि आयु सीमा भी तय की गई है। नर्सरी के लिए तीन से चार वर्ष, एलकेजी के लिए चार से पांच वर्ष और यूकेजी के लिए पांच से छह वर्ष आयु निर्धारित की गई है।
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