चुनाव में गड़बड़ी करने के 21 साल पुराने एक मामले में अदालत ने पीठासीन अधिकारी को दोषी पाते हुए दंडित किया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अरुण कुमार यादव ने मंगलवार को एक फैसले में पंचायत चुनाव के दौरान पीठासीन अधिकारी रहे श्रीश कुमार मालवीय को दोषी ठहराते हुए पांच सौ रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि ‘लोकतंत्र की नींव निष्पक्ष चुनाव है। इसे कमजोर करने वालों को किसी प्रकार की राहत नहीं मिल सकती।’
घटना 17 अगस्त 2005 की है। पंचायत चुनाव के दौरान नैनी के बाल विद्या मंदिर बालिका इंटर कॉलेज, बूथ संख्या 140 पर सबकुछ सामान्य चल रहा था। तभी दोपहर करीब दो बजे मतदान कक्ष में अचानक हलचल मची। वहां तैनात आरक्षी श्यामनाथ वर्मा ने देखा कि पीठासीन अधिकारी स्वयं ही कैमरा चिन्ह वाले चार मतपत्रों पर ठप्पा लगा रहे हैं और उन्हें मतपेटी में डालने ही वाले हैं।
आरक्षी ने बिना देर किए दौड़कर उनका हाथ पकड़ लिया और मतदान रोक दिया गया।
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