कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने बड़ी राहत देते हुए नौकरीपेशा को विशेष परिस्थितियों में तत्काल बिना किसी अड़चन के 75 प्रतिशत पीएफ धनराशि निकालने की राहत दी है। प्राकृतिक आपदा, दिव्यांगता की स्थिति में बिना किसी दस्तावेज के ऑटो सेटलमेंट क्लेम की सुविधा दी है। शेष 25 प्रतिशत धनराशि रिटायरमेंट या 55 साल उम्र पूरी होने पर निकाली जा सकती है। आंशिक पीएफ निकालने के लिए कानपुर परिक्षेत्र में एक महीने में 12 हजार लोगों को तीन से पांच दिनों में धनराशि मिली है।
शर्तों और दस्तावेजी अड़चनों को दूर करने से राहत: अभी तक 75 प्रतिशत तक धनराशि निकालने के लिए काफी अड़चनें थीं। दिव्यांगता होने पर विकलांग प्रमाण पत्र से लेकर सही धारा का चयन और पात्रता की शर्तों की जटिल प्रक्रियाएं थीं। इन क्लेम को निस्तारित करने में देरी होती थी और कई बार क्लेम रिजेक्ट कर दिए जाते थे। अब उन्हें आवेदन करने के तीन से पांच दिनों में ही 75 प्रतिशत तक पीएफ निकालने की छूट है।
विशेष परिस्थितियों में निकासी के लिए स्व प्रमाण पत्र देने मात्र से भुगतान होगा और थर्ड पार्टी की गवाही की जरूरत भी खत्म कर दी गई है।
ईपीएफओ ने पीएफ निकासी के लिए 13 तरह की जटिल श्रेणियों को खत्म कर तीन तरह की श्रेणियां बनाई हैं। इसमें प्राकृतिक आपदा, दिव्यांगता और बेरोजगारी को विशेष परिस्थितियों में रखा गया है। प्राकृतिक आपदा और दिव्यांगता होने पर 75 प्रतिशत पीएफ तत्काल निकाला जा सकेगा। 25 प्रतिशत हिस्सा संचित रहेगा। इसमें रिटायरमेंट या 55 साल उम्र पूरी होने पर निकाला जा सकेगा। साथ ही जो 75 प्रतिशत आंशिक पीएफ निकाला जा सकेगा, उसमें कर्मचारी, नियोक्ता का हिस्सा और उसका ब्याज भी शामिल है, जिससे जरूरत पर एक बड़ी धनराशि मिल रही है। बेरोजगारी की स्थिति में 25 प्रतिशत का बकाया पीएफ 12 महीने बाद निकाला जा सकता है।
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