प्रयागराज। माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) मान्यता प्रक्रिया में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को देखते हुए स्कूलों की भवन संरचना (डिजाइन) में बदलाव की तैयारी कर रही है। यदि प्रस्तावों पर सहमति बनती है तो मान्यता के लिए आवेदन करने वाले स्कूल संचालकों को भूमि और भवन से जुड़े नियमों में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
हाल ही में दिसंबर माह में हुई मान्यता समिति की बैठक में भूमि और भवन की अनिवार्य शर्तें पूरी न होने के कारण बड़ी संख्या में स्कूलों को मान्यता नहीं मिल सकी। खासकर वे हाईस्कूल स्तर के विद्यालय, जो इंटरमीडिएट की मान्यता लेना चाहते हैं, उन्हें भूमि, भवन और खेल मैदान के अभाव में अयोग्य घोषित कर दिया गया।
प्रदेश में वर्तमान में हाईस्कूल स्तर
के 29,534 और इंटरमीडिएट स्तर के 25,190 मान्यता प्राप्त विद्यालय हैं। नियमों के अनुसार, इंटरमीडिएट की मान्यता के लिए पर्याप्त कक्ष, प्रयोगशालाएं और खेल मैदान अनिवार्य हैं, जो शहरी क्षेत्रों में संचालित कई विद्यालयों के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। इसी को देखते हुए परिषद मल्टी स्टोरी भवनों की अनुमति देने के लिए नई डिजाइन तैयार करने पर विचार कर रही है।
हालांकि, इस विषय पर अब तक कोई औपचारिक बैठक नहीं हुई है, लेकिन शिक्षक नेताओं और स्कूल प्रबंधकों की मांग पर माध्यमिक शिक्षा परिषद की बैठकों में इस पर चर्चा शुरू हो चुकी है।
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