राजकीय शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश ने राजकीय शिक्षकों की लंबित पदोन्नतियों को लेकर असंतोष जताया है। अपर मुख्य सचिव (माध्यमिक शिक्षा) को भेजे मांगपत्र में संघ के प्रांतीय संरक्षक रामेश्वर प्रसाद पाण्डेय ने आरोप लगाया कि सहायक अध्यापक (एलटी) से प्रवक्ता, एलटी प्रवक्ता से अधीनस्थ राजपत्रित तथा अधीनस्थ राजपत्रित से समूह ‘ख’ तक की पदोन्नतियां लंबित हैं, जिसके कारण अधिकांश शिक्षक बिना पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इस बार भी 31 मार्च को 50 से अधिक शिक्षक बिना पदोन्नति लाभ के सेवानिवृत्त होने वाले हैं। ऐसे में जल्द पदोन्नति की मांग की गई है, जिससे उन्हें एक वेतन वृद्धि का लाभ मिल सके।
पत्र में बताया गया कि महिला शिक्षकों की प्रवक्ता पद पर पदोन्नति की प्रक्रिया वर्ष 2024 से लंबित है। गोपनीय आख्या मांगे जाने के बावजूद अंतिम सूची जारी नहीं की गई। पुरुष शिक्षकों की पदोन्नति वरिष्ठता विवाद के चलते रुकी रही। विवाद समाप्त हुए आठ माह बीत जाने और वरिष्ठता सूची जारी होने के बाद भी पदोन्नति रुकी हुई है।
ऐसे में विशेष रूप से 31 मार्च 2026 को सेवानिवृत्त होने जा रहे 50 से ज्यादा शिक्षकों का विषय उठाया गया है। यदि समय रहते अधीनस्थ राजपत्रित पद पर पदोन्नति नहीं दी गई वे बिना पदोन्नति सेवा से मुक्त हो जाएंगे। इसके लिए विभागीय अधिकारियों पर उदासीनता के आरोप लगाए गए हैं।
यह भी मांग की गई है कि जिस प्रकार विभाग में विभिन्न पदों पर प्रभारी अधिकारी बनाए जा रहे हैं, उसी तरह वरिष्ठता के आधार पर राजकीय इंटर कालेजों में प्रभारी प्रधानाचार्य भी नियुक्त किए जाएं। साथ ही विद्यालयों में शिक्षकों की कमी और अत्यधिक गैर-शैक्षिक कार्यों के बोझ को भी कम करने की मांग की गई है।
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