बच्चों के लिए लॉन्च हुआ डिजिटल पिटारा, ई-मैजिक बॉक्स ऐप से आसान होगी पढ़ाई – UpdateMarts| PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News

primarymaster.in


 बच्चों के शुरुआती वर्षों में सीखने की नींव को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है।एनसीईआरटी ने 3 से 8 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए ‘ई-मैजिक बॉक्स’ ऐप लॉन्च किया है। यह डिजिटल टूल न केवल बच्चों के लिए सीखने को आनंदमय बनाएगा, बल्कि माता-पिता और शिक्षकों की दुविधाओं को भी दूर करेगा।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस तीन जादुई बॉट

इस ऐप की सबसे बड़ी विशेषता इसमें शामिल तीन इंटेलिजेंट एआई बॉट्स हैं, जिन्हें विशेष रूप से विभिन्न भूमिकाओं के लिए डिजाइन किया गया है:

कथा सखी : यह बॉट बच्चों का सबसे अच्छा दोस्त है। यह उन्हें मजेदार कहानियां और रचनात्मक सामग्री प्रदान करता है, जिससे उनकी कल्पनाशीलता और सुनने की क्षमता का विकास होता है।

पैरेंट तारा : यह विशेष रूप से माता-पिता के लिए है। छोटे बच्चों की परवरिश और उनकी पढ़ाई से जुड़े अनगिनत सवालों के जवाब यहां तुरंत मिल जाते हैं।

टीचर तारा: शिक्षकों की मदद के लिए तैयार यह बॉट कक्षा में बच्चों के साथ बातचीत को अधिक प्रभावी और अर्थपूर्ण बनाने के तरीके सुझाता है।

‘किंगडम ऑफ लर्निंग’ अभियान की शुरुआत

ऐप के साथ-साथ एनसीईआरटी ने ‘किंगडम ऑफ लर्निंग’ नामक एक राष्ट्रव्यापी अभियान भी शुरू किया है। इसका उद्देश्य शिक्षकों और अभिभावकों को इन एआई बॉट्स का सक्रिय रूप से उपयोग करने और ऐप में उपलब्ध ज्ञान के खजाने को खोजने के लिए प्रोत्साहित करना है।

 स्मार्टफोन नहीं? कोई बात नहीं! (पहुँच के अनेक तरीके)

एनसीईआरटी ने इस डिजिटल पहल को समावेशी बनाने के लिए इसे केवल एक ऐप तक सीमित नहीं रखा है। इसे कई माध्यमों से एक्सेस किया जा सकता है:

मोबाइल ऐप: अभिभावक और शिक्षक इसे सीधे अपने फोन पर डाउनलोड कर सकते हैं।

वॉट्सऐप और टेलीग्राम: जो लोग अलग से ऐप डाउनलोड नहीं करना चाहते, वे इन बॉट्स से सीधे वॉट्सऐप और टेलीग्राम पर चैट कर सकते हैं।

IVRS (टोल-फ्री नंबर): बिना स्मार्टफोन वाले परिवारों के लिए यह सुविधा वरदान है। केवल टोल-फ्री नंबर 1800-212-0173 या 15108 डायल करके “दिन की कहानी,” “दिन का गीत” और “दिन का प्रश्न” अपनी भाषा में सुने जा सकते हैं।

क्यों महत्वपूर्ण है यह ऐप?

भारत में 3-8 वर्ष की आयु के करोड़ों बच्चे अपनी शिक्षा के बुनियादी चरण में हैं। ‘ई-मैजिक बॉक्स’ घर और स्कूल के बीच की दूरी को पाटने का काम करेगा। यह खेल-खेल में सीखने की पद्धति को बढ़ावा देता है, जिससे बच्चों पर पढ़ाई का बोझ नहीं पड़ता और उनकी स्वाभाविक जिज्ञासा बनी रहती है।

Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA

Leave a Comment