लखनऊ, । विधायकों व जनप्रतिनिधियों के फोन न उठाना अब अधिकारियों को महंगा पड़ेगा। किसी माननीय का फोन आने के 10 मिनट तक अगर अधिकारी वापस कॉल नहीं करेगा तो तत्काल उसे कमांड सेंटर से अलर्ट भेजा जाएगा। अधिकारी को तत्काल कॉल बैक कर बात करनी होगी। राज्य सरकार इसके लिए ‘संवाद सेतु’ एप बनाने जा रही है। जो जनप्रतिनिधि व अधिकारियों के बीच संवाद स्थापित कराएगा।
समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बताया कि 25 फरवरी से पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में तीन जिलों हरदोई, गाजियाबाद व कन्नौज से शुरुआत होगी। अधिकारियों के सीयूजी नंबर पर ही यह सुविधा दी जाएगी। सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वह किसी भी कीमत पर अपना मोबाइल बंद न रखें।
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