● भद्रा पुच्छ में दो मार्च की रात 12:50 बजे से पहले दहन का मुहूर्त
प्रयागराज, संवाददाता। इस बार भद्रा व चंद्रग्रहण के बीच होने की वजह से होलिका दहन के एक दिन बार रंगों का त्योहार मनाया जाएगा। तीन मार्च को साल का पहला व आखिरी चंद्रग्रहण लगने जा रहा है, जोकि भारत में दृश्यमान रहेगा और उसकी अवधि शाम छह बजे से लेकर 6.48 बजे तक रहेगा। उत्थान ज्योतिष एवं अध्यात्म संस्थान के निदेशक पं. दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली ने बताया कि ग्रस्तोदित ग्रहण की वजह से होलिका से संबंधित कोई कार्य नहीं होगा।
निदेशक ने बताया कि होलिका दहन पूर्णिमा तिथि में भद्रा की अनुपस्थिति में किया जाता है लेकिन इस वर्ष मृत्युलोक की भद्रा पूर्णिमा के आरंभ के साथ ही दो मार्च को शाम 5.18 बजे लग जाएगी। भद्रा मुख का परित्याग कर भद्रा के पुच्छ में रात 11.30 बजे से 12.50 बजे से पूर्व होलिका का दहन करना श्रेयस्कर होगा। ग्रहण का सूतक काल नौ घंटे पहले शुरू हो जाएगा। इस प्रकार तीन को सुबह नौ बजे लग जाएगा, इसलिए उस दिन होली नहीं खेली जाएगी। स्वामी नरोत्तमानंद गिरि वेद विद्यालय के प्राचार्य ब्रज मोहन पांडेय ने बताया कि इस वर्ष तीन को पहला व आखिरी चंद्रग्रहण लग रहा है जो यहां दिखाई देगा। होलिका पूजन फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि की शाम या प्रदोष काल में किया जाता है। इस बार तीन को पूर्णिमा तिथि शाम 5.56 बजे तक रहेगी। इसकी वजह से चार मार्च को चैत्र कृष्ण प्रतिपदा तिथि को ही रंगोत्सव मनाया जाएगा।
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