लखनऊ। शामिल एडेड महाविद्यालयों, संस्कृत-अरबी विद्यालयों-मदरसों से बिजली के बिल व्यवसायिक दरों पर वसूले जाने के आरोपों से सरकार ने इनकार किया है। विधान परिषद में काम रोको प्रस्ताव के तहत शिक्षक नेता ध्रुव कुमार त्रिपाठी आरोप लगाया था कि एडेड व अनुदानित सूची में शामिल शिक्षण संस्थानों से बिजली विभाग व्यवसायिक दर पर धन उगाही कर रहा है। जवाब में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा कि विद्युत आपूर्ति सेवा की श्रेणी में आता है और उस सेवा का शुल्क ही बिजली बिल है।
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