, प्रयागराज इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पीड़िता की उम्र निर्धारण के लिए अस्थि परीक्षण कराने की मांग में दायर याचिका पांच हजार रुपये हर्जाने के साथ खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि हाई स्कूल का प्रमाणपत्र होने के बाद भी उम्र निर्धारण के लिए अस्थि परीक्षण की मांग करना कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है। यह आदेश न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना की एकलपीठ ने सिद्ध उर्फ हसमुद्दीन की याचिका खारिज करते हुए दिया है। गोरखपुर जिले के पिपराइच थाने में आरोपित के खिलाफ पाक्सो व बीएनएस की अन्य धाराओं में एफआइआर दर्ज है। पीड़िता की उम्र निर्धारण के लिए अस्थि परीक्षण की मांग करते हुए दायर अर्जी ट्रायल कोर्ट ने खारिज कर दी थी। आरोपित ने इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी
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