सुल्तानपुर। एक ही हाईस्कूल मार्कशीट के सहारे दो जिलों में नौकरी करने के मामले में आरोपी शिक्षक अब विभागीय रडार से बाहर है। बल्दीराय क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बदरी अहिरी में तैनात सहायक अध्यापक धीरेंद्र कुमार यादव पिछले आठ दिनों से न तो स्कूल पहुंचे हैं और न विभागीय अधिकारियों के संपर्क में हैं। मोबाइल बंद है और विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ देने से फर्जीवाड़े का शक और गहरा गया है।
बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार 20 जनवरी को प्रमाणपत्र सत्यापन के दौरान मार्कशीट संदिग्ध पाई गई थी। इसके बाद 9 फरवरी को सभी शैक्षिक अभिलेखों के साथ उपस्थित होकर जवाब देने के लिए बुलाया गया, लेकिन वे नहीं पहुंचे। बीईओ स्तर पर निरीक्षण में पता चला कि संबंधित शिक्षक 10 फरवरी से बिना किसी सूचना के अनुपस्थित हैं। तीनों मोबाइल नंबर लगातार बंद मिल रहे हैं।
बीएसए उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि वेतन रोक कर 19 फरवरी को बीईओ कार्यालय में उपस्थित होकर मूल कागजात प्रस्तुत करने का अंतिम मौका दिया गया है। यदि तय तिथि तक वह उपस्थित नहीं होते हैं तो निलंबन और एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जाएगी। वहीं, नियमों के अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति के बाद वेतन देने से पहले शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन अनिवार्य होता है। आजमगढ़ में नियुक्ति के दौरान धीरेंद्र कुमार यादव के कागजात सत्यापन में गंभीर खामियां सामने आ रही हैं।
जौनपुर से मांगे गए रिकॉर्ड, असली-नकली की होगी पड़ताल
बीएसए उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि जौनपुर जिले के सिकरारा विकास क्षेत्र स्थित कंपोजिट विद्यालय सादत बिंदौली में तैनात समान नाम के शिक्षक के संबंध में वहां के बीएसए को पत्र भेजा गया है। दोनों के शैक्षिक अभिलेखों का मिलान कर यह स्पष्ट किया जाएगा कि असली अभ्यर्थी कौन है और फर्जीवाड़ा किस स्तर पर हुआ।
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