प्रभात खबर ने शिक्षा विभाग के कंट्रोल एंड कमांड सेंटर को जिलेभर से एमडीएम (मध्याह्न भोजन) से संबंधित मिली शिकायतों को लेकर 21 जुलाई के अंक में पड़ताल करती रिपोर्ट प्रमुखता से प्रकाशन की थी. जिले में सबसे ज्यादा एमडीएम की शिकायत शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद डीएम डॉ त्यागराजन एसएम ने सोमवार को जिले के सभी प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में उपस्थित बच्चों को दिये जाने वाले मध्याह्न भोजन (एमडीएम) के संबंध में बैठक की.
इस दौरान डीएम ने बताया कि राज्य सरकार की महत्वपूर्ण नीति है. इसके तहत स्कूली बच्चों को प्रत्येक दिन शत प्रतिशत बच्चों को मध्याह्न भोजन देना है, शिक्षा विभाग बच्चों को
दिये जाने वाले मध्याह्न की निगरानी ऑनलाइन पोर्टल आइवीआरएस के माध्यम से कर रहा है. शिक्षा विभाग के स्टेट कंट्रोल रूम से गया जिले के विभिन्न विद्यालयों के खिलाफ एमडीएम के संबंधित 32 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, उनमें पांच शिकायतों को सही पाया गया है. इस मामले में डीएम ने कार्रवाई करते हुए दो प्रधानाध्यापकों को सस्पेंड किया है. तीन प्रधानाध्यापकों से एमडीएम की राशि वसूलने का निर्देश दिया है. डीएम ने कहा कि किसी भी विद्यालय में एक दिन भी एमडीएम बंद नहीं होना चाहिए.
कहां क्या शिकायत मिली
इसे जिला शिक्षा पदाधिकारी व डीपीओ एमडीएम सुनिश्चित कराएं. प्रतिदिन विद्यालयों में बच्चों को दिये जाने वाले एमडीएम की मॉनिटरिंग करें. वहीं प्रतिदिन समीक्षा कर जिला पदाधिकारी को रिपोर्ट करें कि कितने विद्यालय में एमडीएम बंद है. कहीं से भी एमडीएम बंद होने की शिकायत मिलने पर जिला स्तरीय पदाधिकारी की ओर से जांच करायी जायेगी. डीएम ने कहा कि जिस किसी विद्यालय में पानी की समस्या के कारण एमडीएम बंद है, उस विद्यालय में जिला शिक्षा पदाधिकारी तुरंत चापाकल लगाएं,
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