प्रयागराज, उत्तर प्रदेश के एक लाख से अधिक परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक के साथ ही लगभग 30 हजार माध्यमिक स्कूलों में अध्ययनरत कक्षा एक से 12 तक के छात्र-छात्राओं में अंग्रेजी के अच्छे ज्ञान को लेकर सरकार गंभीर है। अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थसारथी सेन शर्मा ने दोनों विभागों के निदेशकों को 23 जनवरी को पत्र लिखकर संबंधित हितधारकों (स्टेक होल्डर्स) के साथ विचार-विमर्श के बाद यूपी के छात्र-छात्राओं में अंग्रेजी के अच्छे ज्ञान के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं, इसका प्रस्ताव दो फरवरी तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
एसीएस ने लिखा है कि बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से छात्रों में अंग्रेजी के ज्ञान की बढ़ोतरी करने के लिए क्या किया जा सकता है, इसके लिए कुछ कदम सुझाव प्रस्तुत करने की अपेक्षा की है। 26 से 28 दिसंबर तक नई दिल्ली में आयोजित मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने निर्देश दिया था मातृभाषा में पढ़ाने का यह मतलब नहीं है कि छात्रों को अच्छी अंग्रेजी नहीं बोलनी चाहिए। यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि प्रमुख विषय मातृभाषा में ही हो परंतु छात्रों को अंग्रेजी का भी अच्छा ज्ञान हो।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भी मातृभाषा के साथ अंग्रेजी की समझ पर जोर दिया गया है। खासतौर से विज्ञान और गणित के लिए अच्छी गुणवत्ता की द्विभाषी किताब और अध्यापन-अध्ययन विषयवस्तु तैयार करने की बात कही गई है ताकि विद्यार्थी दोनों विषयों के बारे में अपनी मातृभाषा और अंग्रेजी दोनों में सोच और बात कर सकें।
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