राज्य ब्यूरो, जागरण पटना राज्य के कई जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालयों के बारे में अनियमितता की शिकायतें मिली हैं। इसे गंभीरता से शिक्षा विभाग ने लिया है। ऐसे डीईओ कार्यालय शिक्षा विभाग के रडार पर हैं और कभी भी उन दफ्तरों में जांच-पड़ताल के लिए विभाग के आला अफसरों की दबिश पड़ सकती है।
शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डा. एस. सिद्धार्थ के निर्देश पर पटना डीईओ कार्यालय में करायी गयी जांच में कई अनियमितताएं पकड़ी गई थीं। जांच के क्रम में पाया गया कि पटना जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में मातृत्व अवकाश एवं बकाया भुगतान संबंधी आवेदन की प्राप्ति और उसके निष्पादन की तिथि के संबंध में कोई रजिस्टर तक मेंटेन नहीं किया जाता है। कतिपय शिक्षकों से प्राप्त आवेदन की मूल प्रति भी संचिका में संधारित नहीं है। संचिका के टिप्पणी भाग में आवेदन प्राप्त होने की तिथि का कोई उल्लेख भी नहीं पाया गया। प्रभारी
हर माह कार्यालयों में निरीक्षण को जाएंगे विभाग के अफसर, पटना डीईओ कार्यालय में कराई गई जांच में कई अनियमितताएं पकड़ी गई थीं लिपिक द्वारा संचिका प्रधान लिपिक को भेजे बिना सीधे जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) को पृष्ठांकित कर अनुमोदन प्राप्त किया जाता था। इस पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) द्वारा कभी किसी प्रकार की पृच्छा भी नहीं की गयी। अधिकांश मामलों में यह चौंकाने वाला तथ्य भी सामने आया कि जिस तिथि को संचिका उपस्थापित की गयी, उसी तिथि को भुगतान भी हो गया। इसके मद्देनजर विभाग ने हर माह जिला शिक्षा कार्यालयों में निरीक्षण करने का फैसला लिया है। विभाग के एक निदेशक ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारियों के कार्यालयों में कार्यों के निष्पादन में मनमानी बरते जाने की शिकायतों की अब नियमित जांच होगी। इसके लिए मुख्यालय से अफसर जांच करने जाएंगे।
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