प्रयागराज : 27 जुलाई 2011 से पूर्व के शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य करने के मुद्दे पर शिक्षक समुदाय में असंतोष बढ़ता जा रहा है। हाल ही में दिल्ली में इस विषय पर एक प्रदर्शन आयोजित किया गया। शुक्रवार को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने जिला अध्यक्ष कामतानाथ के नेतृत्व में सांसद प्रवीण सिंह पटेल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि टीईटी के इस मुद्दे को संसद के शीतकालीन सत्र में उठाया जाए। जिला महामंत्री राम आसरे सिंह ने बताया कि प्रदेशीय नेतृत्व के निर्देश पर सभी सांसदों को ज्ञापन दिया जा रहा है। जिला उपाध्यक्ष योगेंद्र प्रसाद मिश्रा ने कहा देशभर के लगभग 20 लाख शिक्षकों की सेवा एवं आजीविका पर संकट उत्पन्न हो गया है। ब्लाक अध्यक्ष फूलपुर मिथिलेश यादव ने कहा कि आरटीई अधिनियम विभिन्न राज्यों में अलग-अलग वर्षों में लागू हुआ है। उत्तर प्रदेश में यह अधिनियम 27 जुलाई 2011 को लागू किया गया।
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