प्रयागराज। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती की मुख्य परीक्षा में परंपरागत प्रकार के प्रश्नपत्रों को शामिल करने पर अभ्यर्थियों ने सवाल उठाए हैं। अभ्यर्थियों ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष को पत्र लिखकर मांग की है कि प्रारंभिक परीक्षा की तरह मुख्य परीक्षा में भी वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्नपत्र को शामिल किया जाए।
प्रतियोगी छात्र प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष शीतला प्रसाद ओझा का कहना है कि ग्रेजुएशन स्तर तक की पढ़ाई भी ऑब्जेक्टिव (एमसीक्यू) आधारित हो रही है। यहां तक कि न यूजीसी नेट, सीयूईटी, सीटीईटी जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं भी वस्तुनिष्ठ पद्धति पर आधारित हैं।
ऐसे में एलटी ग्रेड जैसी प्रतियोगी परीक्षा को वर्णनात्मक बनाना न केवल समयानुसार अनुचित है, बल्कि छात्रों की वर्षों की तैयारी को प्रभावित करेगा। अभ्यर्थी भी वर्षों से वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्नपत्रों को आधार बनाकर परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।
की मुख्य परीक्षा में परंपरागत प्रकार के प्रश्नपत्रों को शामिल करने से अभ्यर्थी तैयारी चौपट हो जाएगी और परिणाम में भी विलंब होगा। आयोग ने जो विज्ञापन जारी किया है, उसके अनुसार मुख्य परीक्षा कुल 200 अंकों की होगी। खंड ‘अ’ के तहत 10 प्रश्न लघुउत्तरीय होंगे जिनके उत्तरों की सीमा 125 शब्दों में होगी और प्रत्येक प्रश्न आठ अंक का होगा।
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