मैनपुरी। सुल्तानगंज विकास खंड में तैनात एक शिक्षक के दो जगह नौकरी का मामला सामने आने के बाद विभाग ने बर्खास्तगी की कार्रवाई की है। आरोपी शिक्षक ने विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं शिक्षक का कहना है कि पूर्व में हुई कार्रवाई का मामला कोर्ट में चल रहा है। इस बीच बीएसए द्वारा कार्रवाई किस आधार पर कर दी गई है। विकास खंड भोगांव के मोहल्ला चौधरी निवासी विकास मिश्रा ने वर्ष 2002 में बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी हासिल की थी। वह सुल्तानगंज ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय मरहरी में शिक्षक के रूप में तैनात थे। शिक्षक विकास मिश्रा पर आरोप है कि उसने वर्ष 2003 में अकबरपुर महाविद्यालय कानपुर देहात में प्रवक्ता के पद पर भी नौकरी हासिल कर ली। प्रवक्ता के पद पर नौकरी मिलने के बाद विकास को बेसिक शिक्षा विभाग से शिक्षक के पद से इस्तीफा देना था। लेकिन विकास मिश्रा ने शिक्षक पद से इस्तीफा नहीं दिया और 2003 से 2025 तक यानी 22 साल विकास मिश्रा दोनों ही पदों पर नौकरी करता रहा। वर्ष 2024 में दो स्थानों पर विकास मिश्रा के नौकरी पाए जाने की शिकायत हुई। उच्च शिक्षा विभाग ने जांच कराई। जांच में दोषी मिलने पर मई 2025 में विकास मिश्रा को अकबरपुर महाविद्यालय कानपुर देहात से प्रवक्ता के पद से बर्खास्त कर दिया गया। मैनपुरी बेसिक शिक्षा विभाग ने भी विकास मिश्रा को बर्खास्त करने की कार्रवाई की है। विकास मिश्रा ने बीएसए की कार्रवाई पर सवाल उठाया है कि मामला कोर्ट में चल रहा है। जब तक कोर्ट से निर्णय नहीं आता तब तक कार्रवाई कैसे कर दी गई। आरोप लगाया है कि उसका पक्ष नहीं सुना गया। मामले में बीएसए दीपिका गुप्ता का कहना है कि शिक्षक को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया गया। उसके उपस्थित न होने पर विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई की है।
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