प्रयागराज, उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग की पीसीएस जे मुख्य परीक्षा 2022 की 50 कॉपियों के बदलने का मामला मंगलवार को विधान परिषद में गूंजा। एमएलसी देवेन्द्र प्रताप सिंह ने नियम 115 के तहत यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि कॉपियां बदलना गंभीर चिंता का विषय है। यह अक्षम्य अपराध है। प्रतिभाशाली प्रतियोगी छात्रों के हक पर डाका डालने का आपराधिक कृत्य है।
कहा कि यद्यपि इस धांधली और बेईमानी के लिए जिम्मेदार कार्मिकों पर आयोग के अध्यक्ष संजय श्रीनेत ने विभागीय कार्यवाही की है, लेकिन वह अपर्याप्त है। ऐसे अपराधी क्षमा योग्य नहीं हैं। उन्होंने इस धांधली की जांच एसआईटी/एसटीएफ से कराकर स्पेशल कोर्ट गठित कर, तीन माह के भीतर फैसला देने और कठोरतम सजा देने की मांग की है। यह मुद्दा विधान परिषद में उठने पर प्रतियोगी छात्र सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते दिखे।
1343 छात्रों ने देखी कॉपियां पीसीएस जे मुख्य परीक्षा 2022 में शामिल 3019 अभ्यर्थियों में से 1343 (44.48 प्रतिशत) ही अपनी कॉपियां देखने पहुंचे। मंगलवार को कॉपियां देखने की प्रक्रिया पूरी हो गई। श्रवण पांडेय की ओर से हाईकोर्ट में दायर याचिका में कॉपी बदलने की पुष्टि होने के बाद आयोग ने 14 जून को मुख्य परीक्षा में शामिल सभी अभ्यर्थियों को कॉपियां दिखाने का फैसला लिया था।
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