लखनऊ। वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को प्रोत्साहन मानदेय देने के सवाल पर सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं है। नियमानुसार इन शिक्षकों को मानदेय प्रबंधतंत्र को अपने स्रोत से ही देना होगा।
विधान परिषद में एमएलसी डॉ. आकाश अग्रवाल व राज बहादुर चंदेल ने संयुक्त रूप से यह मामला उठाया। उन्होंने कहा कि 2017 के बाद से सरकार ने कोई अतिरिक्त आर्थिक सहायता नहीं की है। 2019 में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री व माध्यमिक शिक्षा
मंत्री ने इनको 15 हजार रुपये प्रतिमाह का भुगतान करने की घोषणा की थी, लेकिन यह लागू नहीं हुआ। इस पर माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि अंशकालिक शिक्षकों को प्रबंधतंत्र अपने स्रोत से भुगतान करेगा। इन्हें मानदेय देने या मानदेय वृद्धि की सरकार की ओर से कोई व्यवस्था नहीं है।
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