लखनऊ: प्रदेश में सभी सरकारी कार्यालयों को तंबाकू मुक्त घोषित करने और स्कूल-कालेजों में विशेष जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने साफ कहा कि तंबाकू के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत बच्चों से ही करनी होगी, इसलिए प्राथमिक स्तर से ही इसके दुष्प्रभाव पढ़ाई और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में शामिल किए जाएं। इसके अलावा तंबाकू विक्रेताओं की लाइसेंसिंग व्यवस्था को सख्ती से लागू करने और दो तंबाकू दुकानों के बीच न्यूनतम 500 मीटर की दूरी सुनिश्चित करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जाए।
गुरुवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण
कार्यक्रम के तहत राज्य स्तरीय समन्वय समिति की बैठक हुई, जिसमें सिगरेट व अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार, उत्पादन, आपूर्ति व वितरण का विनियमन) अधिनियम, 2003 के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी विश्वविद्यालयों और शैक्षिक संस्थानों में तंबाकू विरोधी विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि बच्चों और युवाओं में इसके नुकसान को लेकर समझ विकसित हो सके। किसी भी शैक्षिक संस्थान को मान्यता देते समय ‘तंबाकू मुक्त शैक्षिक संस्थान’ के दिशानिर्देशों का पालन अनिवार्य रूप से कराया जाए। सभी सरकारी कार्यालयों को तंबाकू मुक्त घोषित करने के निर्देश दिए गए।
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