फटी-पुरानी किताबों से पढ़ रहे बच्चे, नई पुस्तकों का इंतजार

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 पटना सिटी सरकारी विद्यालयों में शिक्षा एवं व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विभाग हर कोशिश में जुटा है। शिक्षकों को विद्यालय में रोक पाने में विभाग कामयाब हुआ। बच्चे भी आ रहे हैं, लेकिन पठन-पाठन के लिए पुस्तकें नहीं हैं। जुलाई खत्म होने को है लेकिन शैक्षणिक अंचल गुलजारबाग के सात प्राथमिक और 16 मध्य विद्यालयों में पढ़ने वाले अधिसंख्य छात्र-छात्राओं को नये शैक्षणिक सत्र की किताबें नहीं मिली हैं। शिक्षकों की मानें तो दूसरी क्लास में गए बच्चों के घर से भिक्षाटन कर लायी गई फटी-पुरानी पुस्तकों से नये बच्चों में आधे अधूरे ज्ञान बांटने का प्रयास जारी है।

वार्ड 52 के आलमगंज नरकट घाट स्थित राजकीय उर्दू मध्य विद्यालय में कक्षा एक से आठ तक में में नामांकित कुल 268 छात्र-छात्राओं से शनिवार को 165 उपस्थित थे। कक्षा एक के छात्र मो. अमान, कक्षा

तीन के मो. बिलाल, कक्षा चार की छात्रा तैयबा परवीन, वर्ग सात की आरफा परवीन, वर्ग आठ के मो. मुस्तकीम समेत अन्य बच्चों ने बताया कि उन्हें किताबें नहीं मिली हैं। बिना नई किताबें देखे और पढ़े ही मई, जून में मासिक परीक्षा दी। 30 और 31 जुलाई को मासिक परीक्षा होने वाली है। अक्टूबर में अर्ध वार्षिक परीक्षा होनी है। बच्चों ने बताया कि शिक्षक ने पूर्व में पढ़ चुके बच्चों से कुछ पुरानी किताबें लेकर बांटी हैं।

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