प्रयागराज। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2025 की कॉपियों के मूल्यांकन में गड़बड़ी करने वाले 4204 परीक्षकों (3077 हाईस्कूल और 1127 इंटर) को चेतावनी जारी की गई है। परीक्षा केंद्रों के उपनियंत्रकों की ओर से भेजी गई चेतावनी में भविष्य में त्रुटि की पुनरावृत्ति नहीं करने की हिदायत दी गई है। यूपी बोर्ड ने सात जुलाई को स्क्रूटनी का परिणाम घोषित किया था। इस साल हाईस्कूल में 5495 और इंटर में 25699 कुल 31194 छात्र-छात्राओं ने स्क्रूटनी के लिए आवेदन किया था।
इनमें से क्रमश: 815 और 5131 कुल 5946 (19.06 प्रतिशत) या लगभग हर पांचवें परीक्षार्थी के अंकों में वृद्धि या कमी हुई है। कुछ मामलों में तो बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई थी। उदाहरण के तौर पर हाईस्कूल अंग्रेजी में 35 नंबर पाने वाले एक छात्र को परीक्षक ने उत्तरपुस्तिका पर 25 अंक ही दिए थे।
सामाजिक विषय में 36 नंबर पाने वाले को कॉपी पर 28 नंबर जबकि चित्रकला में एक छात्र को 39 अंक की बजाय 29 नंबर दे दिए थे। इसके अलावा भी जोड़ने में गड़बड़ी, प्रश्न नहीं जांचने या प्रश्न जांचने के बावजूद अंक नहीं चढ़ाने जैसी गड़बड़ियां सामने आई थी। ऐसे परीक्षकों की सूची तैयार करते हुए बोर्ड के प्रयागराज, वाराणसी, मेरठ, बरेली और गोरखपुर क्षेत्रीय कार्यालयों ने संबंधित मूल्यांकन केंद्रों के उपनियंत्रकों को सूचना भेजी और फिर उपनियंत्रकों की ओर से चेतावनी जारी की गई है। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह का कहना है कि कॉपी जांचने वाले परीक्षकों को चेतावनी जारी की गई है ताकि भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न हो।
पूर्व में एक लाख तक लग चुका है जुर्माना
बोर्ड परीक्षा की कॉपियों के मूल्यांकन में गड़बड़ी करने वाले परीक्षकों पर पूर्व के वर्षों में एक लाख रुपये तक जुर्माना भी लगाया जा चुका है। बोर्ड के पूर्व सचिव दिव्यकांत शुक्ल के कार्यकाल में बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले कई परीक्षकों पर 50 हजार से एक लाख तक रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
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