प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहायक प्रोफेसर पद से जुड़े मामले में पूर्व में दिए गए आदेश का अनुपालन न होने पर अवमानना याचिका पर उच्च शिक्षा निदेशक को तीन माह का समय दिया है। इससे पहले कोर्ट ने 17 सितंबर 2025 को पारित आदेश में याची के नियमितीकरण के दावे पर दो माह में निर्णय का निर्देश दिया था। यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकल पीठ ने डॉ. मदन
गोपाल अग्रवाल की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।
मामला हापुड़ के पिलखुवा स्थित आरएसएस (पीजी) कॉलेज के रक्षा अध्ययन विभाग में सहायक प्रोफेसर पद से जुड़ा है। डॉ. मदन गोपाल अग्रवाल ने 19 दिसंबर 2019 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें निदेशक उच्च शिक्षा ने उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग अधिनियम-1980 के तहत उनके नियमितीकरण के दावे को
यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि वह पात्र नहीं हैं।
आदेश के खिलाफ याची ने हाईकोर्ट में अपील की, जिस पर कोर्ट ने निदेश उच्च शिक्षा से रिपोर्ट मांगी थी। संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा की तरफ से इस मामले में रिपोर्ट पेश की गई।
कोर्ट ने कहा कि रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि याची 19 दिसंबर 2019 तक संस्थान में कार्यरत रहे। इस पर कोर्ट ने 19 दिसंबर 2019 का आदेश अभिलेखों के विपरीत मानते हुए निरस्त कर दिया। प्रकरण को पुनः निदेशक उच्च शिक्षा को भेजते हुए दो माह में निर्णय लेने का निर्देश दिया था।
Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA




