प्रयागराज : बेसिक शिक्षा विभाग के
कक्षा एक से आठ तक के विद्यालयों में शिक्षक भर्ती के लिए आवश्यक योग्यता दो वर्षीय डिप्लोमा प्रशिक्षण यानी डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (डीएलएड) को बंद किए जाने की तैयारी है। इसके स्थान पर चार वर्षीय प्रशिक्षण बैचलर आफ एलीमेंट्री एजुकेशन (बीएलएड) की डिग्री प्रदान की जाएगी। डीएलएड कोर्स के लिए अभी स्नातक योग्यता आवश्यक है, लेकिन बीएलएड में प्रवेश के लिए योग्यता इंटरमीडिएट तय की गई है। इसे अभी प्रथम चरण में सात जनपदों प्रयागराज, जौनपुर, गोरखपुर, हापुड़, मेरठ, गौतमबुद्ध नगर और वाराणसी के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में लागू किए जाने की तैयारी चल रही है।
वाराणसी के कालेज आफ टीचर एजुकेशन (सीटीई) में भी संचालित किया जाएगा। इसके लिए संबंधित डायट प्राचार्यों एवं सीटीई प्राचार्य के साथ 29 दिसंबर को हुई आनलाइन बैठक में मानवीय और भौतिक संसाधन पर चर्चा हुई है। चार वर्षीय बीएलएड पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए न्यूनतम अर्हता इंटरमीडिएट होने से
अभ्यर्थियों का एक वर्ष का समय बचेगा, क्योंकि अभी डीएलएड में प्रवेश के लिए योग्यता स्नातक होने से तीन वर्ष स्नातक करने में तथा दो वर्ष डीएलएड करने को जोड़कर पांच वर्ष लग जाते थे। बीएलएड से वह चार वर्ष में ही स्नातक के साथ प्राथमिक शिक्षक भर्ती में आवेदन करने के भी योग्य हो जाएंगे। इसके लिए प्रदेश में संचालित डायटों को अपग्रेड किया जाएगा। इस संबंध में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के निदेशक की ओर से सर्व शिक्षा अभियान के संयुक्त निदेशक डा. पवन कुमार द्वारा बुलाई गई बैठक में विमर्श किया गया। बीएलएड होने पर अध्यापन के लिए उच्च प्रशिक्षित प्रवक्ताओं की आवश्यकता होगी। प्रयागराज डायट में 17 में 12 शिक्षक पीएचडी हैं। इसी तरह अन्य डायटों में भी हैं। प्रदेश में 66 डायट संचालित हैं।
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