लखनऊ। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन कौशल प्रशिक्षण पाने वाले युवाओं की निगरानी को मजबूत तंत्र तैयार कर रहा है। मोबाइल एप की मदद से प्रशिक्षण पाने के तीन वर्ष तक प्रत्येक युवा की ट्रैकिंग की जाएगी। प्रशिक्षण प्रदाता कंपनियां रोजगार दिलाने के आंकड़े बढ़ाचढ़ाकर नहीं बता सकेंगी। अगर उन्होंने ऐसा किया तो पकड़ी जाएंगी।
उप्र कौशल विकास मिशन की ओर से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद प्रत्येक युवा को नौकरी मिले इस पर जोर दिया जा रहा है। अधिक से अधिक प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार बेहतर रोजगार मिले इसके लिए निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाएगा। मोबाइल एप पर कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं का पूरा ब्योरा अपलोड होगा। उन्हें प्रशिक्षण प्रदाता की ओर से कहां किस कंपनी में जॉब दिलाई गई, इसकी पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी। कौशल विकास मिशन के अधिकारी व जिलों में तैनात अधिकारी इस पोर्टल की मदद से समय-समय पर इन रोजगार पाने वाले युवाओं का अपडेट लेंगे। अगर किसी युवा ने नौकरी लगने के कुछ दिन बाद ही जॉब छोड़ दी तो उसके कारण का पता लगाया जाएगा। कई बार रोजगार पाने वाले युवाओं की संख्या बढ़ा-चढ़ाकर प्रशिक्षण प्रदाता कंपनियां बताती हैं। जिससे उन्हें आगे भी प्रशिक्षण दिलाने का कार्य मिलता है। फर्जी नियुक्ति पत्र लगाकर रोजगार पाने वालों का आंकड़ा बढ़ाने वाली प्रशिक्षण प्रदाता कंपनियां पकड़ी जाएंगी। फिलहाल, इस व्यवस्था से फूलप्रूफ व्यवस्था से फर्जी आंकड़ेबाजी पकड़ी जाएगी।
Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA




